मल्का जल विद्युत परियोजना विवाद में एफआईआर दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
कंपनी की शिकायत पर मामला दर्ज, दोनों पक्षों के बयान और दस्तावेजों की जांच के बाद हुई कार्रवाई
धरमजयगढ़। बहुप्रतीक्षित मल्का जल विद्युत परियोजना से जुड़े विवाद ने कानूनी रूप ले लिया है। परियोजना संचालन से संबंधित शिकायत की जांच के बाद धरमजयगढ़ पुलिस ने एक व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 और 115 के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, धनवाड़ा पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से थाना धरमजयगढ़ में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि परियोजना से पूर्व में जुड़े रहे एक व्यक्ति द्वारा कंपनी के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने, अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर दबाव बनाने तथा परियोजना की गतिविधियों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और उपलब्ध दस्तावेजों एवं तथ्यों की जांच की। प्रारंभिक जांच में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू की गई है।
एफआईआर के अनुसार, कंपनी के एजीएम विवेक सिंह ने शिकायत में उल्लेख किया है कि संबंधित व्यक्ति पहले कंपनी में लाइजनिंग कार्य से जुड़ा था। कंपनी का दावा है कि वर्ष 2025 में कार्यशैली और व्यवहार संबंधी कारणों से उसे कार्य से अलग कर दिया गया था। इसके बाद विभिन्न माध्यमों से आरटीआई आवेदन लगाकर कंपनी और शासकीय विभागों के कार्यों को प्रभावित करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाया गया तथा ग्रामीणों को भड़काकर परियोजना के विरोध का माहौल तैयार करने की कोशिश की गई, जिससे परियोजना और निवेश प्रभावित होने की आशंका है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के अधीन है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


